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बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में गांठका ऑपरेशन (हिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ सरà¥à¤œà¤°à¥€) हिसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ (गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ हटाने की सरà¥à¤œà¤°à¥€) असामानà¥à¤¯ और अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ, असामानà¥à¤¯ पेट में à¤à¤‚ठन, गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ या à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ से पीड़ित महिलाओं के लिठसबसे सही टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट है।
-फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ औरतों में पाई जाने वाली सबसे आम पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® है.
-फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ यानी रसौलियां.
-रसौलियां मांस के छोटे-छोटे गोले होते हैं.
-जो बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ में पाठजाते हैं.
-आमतौर पर इनसे कैंसर नहीं होता.
-इसलिठघबराने की बात नहीं है.
-लगà¤à¤— 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं में फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ होते हैं.
-जैसे-जैसे उमà¥à¤° बà¥à¤¤à¥€ है, 40 पार होती है तब तक 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं को फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ हो जाते हैं.
-लेकिन ज़रूरी नहीं है कि हर महिला में इसके लकà¥à¤·à¤£ दिखें.
-केवल 20-30 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ महिलाओं में इसके लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं.
लकà¥à¤·à¤£
-आमतौर पर फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ 3 तरह के होते हैं.
-अगर गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रसौलियों का मà¥à¤‚ह अंदर की तरफ़ होता है तो उसे सबमà¥à¤¯à¥‚कोसल फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ कहते हैं.
-इस तरह के फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ में आमतौर पर बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग बॠजाती है.
-खून का रिसाव महीने के टाइम पर ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है.
-बाकी दो रसौलियां या तो बचà¥à¤šà¥‡à¤¦à¤¾à¤¨à¥€ की मांसपेशियों की परत में मिलती हैं जिसको इंटà¥à¤°à¤¾à¤®à¥à¤¯à¥‚रल फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ कहते हैं.
-या ये रसौलियां ऊपर और बाहर की तरफ़ होती है जिसे सबसेरोसल फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ कहते हैं.
-तीनों टाइप के फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ के अलग-अलग लकà¥à¤·à¤£ होते हैं.
-अगर फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ अंदर की तरह है तो बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है.
-बाकी दोनों फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ का बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग पर कà¥à¤› ख़ास असर नहीं पड़ता है.
-लेकिन अगर इनका साइज़ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बॠजाठतो पेशाब की थैली पर पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° पड़ता है.
-जिसके कारण बार-बार पेशाब आता है.
-अगर रसौलियों के कारण पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° आंतों पर पड़ता है तो पेट में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ और सूजन महसूस होती है.
डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸
-लकà¥à¤·à¤£ महसूस होने पर सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž से मिलें.
-उसके बाद à¤à¤• अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड होगा.
-जिससे पता चलेगा कि ये रसौलियां शरीर में हैं या नहीं.
हेलà¥à¤¥ रिसà¥à¤•
-आमतौर पर इन रसोलियों का कैंसर से लेना-देना नहीं होता.
-केवल 0.1 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ रसौलियां आगे जाकर कैंसर में बदल सकती हैं.
-पर ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° इनमें कैंसर का रिसà¥à¤• नहीं होता.
-लेकिन अगर इनके कारण बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है तो अनीमिया हो सकता है.
-à¤à¤¸à¥‡ में बेहतर यही रहता है कि इनका इलाज करवाकर हटा दिया जाà¤.
इलाज
-लोगों को समठमें नहीं आता कि दवाइयों से इलाज करवाà¤à¤‚ या सरà¥à¤œà¤°à¥€ करवाà¤à¤‚.
-अगर किसी à¤à¥€ कारण से उस समय सरà¥à¤œà¤°à¥€ नहीं करवा सकते तो दवाइयां दी जाती हैं.
-ताकि इलाज का समय बॠसके.
-ये फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ पर निरà¥à¤à¤° करते हैं.
-ये हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ हैं à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨ और पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¨.
-ये दोनों हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ का साइज़ बà¥à¤¾à¤¤à¥‡ हैं.
-जब मेनोपॉज़ का समय आता है तब ये फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ अपने आप सिकà¥à¥œ जाते हैं.
-अगर मेनोपॉज़ के आसपास हैं तब दवाइयों की मदद से कà¥à¤› समय काटा जा सकता है, जब तक मेनोपॉज़ नहीं हो जाता.
-लेकिन अगर आपकी उमà¥à¤° 40 साल के आसपास है और फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशान करते हैं तो सरà¥à¤œà¤°à¥€ इसका उपाय है.
-इसमें दो तरह से सरà¥à¤œà¤°à¥€ की जा सकती है.
बचाव
-बचाव के बहà¥à¤¤ सारे तरीके नहीं हैं, पर हेलà¥à¤¦à¥€ डाइट लें.
-अनीमिया से बचें.
-à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें.
-हेलà¥à¤¦à¥€ शरीर में फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ के कम लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं.
किन महिलाओं में ये ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आम है?
-आमतौर पर फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ का कोई पà¥à¤–à¥à¤¤à¤¾ कारण मिला नहीं है.
-लेकिन जो लोग ओवरवेट होते हैं, जिन लोगों ने बचà¥à¤šà¥‡ पैदा नहीं किठया अफà¥à¤°à¥€à¤•न रेस की महिलाओं में ये ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आम है.
-साथ ही ये जेनेटिक à¤à¥€ हैं, जैसे अगर मां को है तो बेटी को à¤à¥€ हो सकते हैं.
-पीरियडà¥à¤¸ जलà¥à¤¦à¥€ आ गठहैं
-ये वजहें हो सकती हैं, पर अà¤à¥€ तक कोई ख़ास पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं मिला है.
आपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° योगिता की बातें सà¥à¤¨à¥€à¤‚. अगर आपको फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ की दिकà¥à¤•त है तो डरने की ज़रूरत नहीं है. ये बहà¥à¤¤ आम है. फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ का मतलब ये हरगिज़ नहीं कि आपको कैंसर है. कई लोगों में तो इसके लकà¥à¤·à¤£ दिखते à¤à¥€ नहीं. अगर आपको ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ महसूस हो रहे हैं, इनसे दिकà¥à¤•त हो रही है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से ज़रूर मिलें. दवाइयों और सरà¥à¤œà¤°à¥€ की मदद से इसे ठीक किया जा सकता है.
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